
फर्जी माइनिंग अधिकारी बनकर वसूली करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, महिला समेत 3 गिरफ्तार
राजनांदगांव, 9 मई 2026: राजनांदगांव जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत डोंगरगांव पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए माइनिंग विभाग का फर्जी अधिकारी बनकर ट्रांसपोर्टर से अवैध वसूली करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर की गई।
खेत में चल रहे काम के दौरान पहुंचे आरोपी
पुलिस के अनुसार ग्राम दर्री निवासी रामसिंह राजपूत 7 मई की दोपहर ग्राम आमगांव में एक किसान के खेत में मिट्टी समतलीकरण का कार्य करवा रहे थे। इसी दौरान सफेद रंग की स्विफ्ट कार (CG 04 PN 1413) वहां पहुंची।
कार में सवार तीन लोगों ने खुद को माइनिंग विभाग का अधिकारी बताते हुए मौके पर मौजूद रामसिंह राजपूत और उनके ड्राइवर तनुज कुमार को अवैध उत्खनन के मामले में फंसाने की धमकी दी।
कार्रवाई से बचाने के नाम पर मांगे पैसे
आरोपियों ने कहा कि यदि पैसे नहीं दिए गए तो उनके खिलाफ कार्रवाई कर बदनाम किया जाएगा। डर के कारण पीड़ित ने आरोपियों द्वारा बताए गए मोबाइल नंबर पर 6 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने की घेराबंदी
घटना की शिकायत मिलने के बाद डोंगरगांव थाना पुलिस तत्काल सक्रिय हुई। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में पुलिस टीम ने कुमरदा पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर संदिग्ध स्विफ्ट कार को रोक लिया।
कार में सवार तीनों आरोपियों की पहचान रवि शर्मा, रेहाना बेगम और शेख अरमान के रूप में हुई।
तीनों आरोपी गिरफ्तार, कार जब्त
पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में इस्तेमाल स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है।
शुक्रवार को तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुराने रिकॉर्ड की भी जांच
इस कार्रवाई में प्रशिक्षु IPS आदित्य कुमार, निरीक्षक आशीर्वाद राहटगांवकर, उप निरीक्षक पुष्पराज साहू समेत डोंगरगांव थाना टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अब आरोपियों के पुराने रिकॉर्ड और इस तरह की अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता की भी जांच कर रही है।


